इतिहास

पंचायत के कुल 08 गाँव आते है। पंचायत के बगल से बराकर नदी है। नदी में सालों भर पानी नहीं रहती है। सिंचाई का यह मुख्य साधन है। पंचायत में अभी भी षाल के जंगल लोग मेहनत से बचाए रखें हैं। पंचायत में धान, गेंहू मंडुवा, मकई, गोंदली की ,खेती साल में एक ही बार होती है। सचिाई साधन उपल्बध नही रहने के कारण साल भर खेती नहीं हो पाती है। पंचायत के अंदर 6 जाति के लोग रहतें हैं। आदिवासी की संख्या बहुत कम और काफि पिछडा हुआ है। आदिवासी का मुख्य पर्व करमा है। करमा के अलावा जितिया, दषहरा, होली, रामनवमी, इद, रमजान आदि त्योहार मनाये जाते हैं। पंचायत चुनाव केक बाद विकास की एक नई उम्मिद की जा रही है।

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